केरल अपनी इंटरनेट सेवा प्रदान करने वाला पहला राज्य बना

केरल अपनी इंटरनेट सेवा प्रदान करने वाला पहला राज्य बना

Daily Current Affairs   /   केरल अपनी इंटरनेट सेवा प्रदान करने वाला पहला राज्य बना

Change Language English Hindi

Category : Science and Tech Published on: July 19 2022

Share on facebook
  • केरल अब अपनी इंटरनेट सेवा प्रदान करने वाला देश का पहला और एकमात्र राज्य बन गया है।
  • इसे K-FON - केरल फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क के नाम से जाना जायेगा। 
  • K-FON - केरल फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क - को दूरसंचार विभाग से इंटरनेट सेवा प्रदाता (ISP) लाइसेंस भी दे दिया गया है।
  • KFON योजना की परिकल्पना बीपीएल परिवारों और 30,000 सरकारी कार्यालयों को मुफ्त इंटरनेट प्रदान करने के लिए की गई है।
  • पिछली वाम सरकार ने 2019 में इंटरनेट कनेक्शन को मूल अधिकार घोषित किया था और 1,548 करोड़ रुपये की KFON परियोजना शुरू की थी।
Recent Post's
  • एलआईसी ने ग्राहकों और एजेंटों को निर्बाध डिजिटल सेवाएं प्रदान करने के लिए MyLIC और सुपर सेल्स साथी ऐप लॉन्च किए।

    Read More....
  • हरिवंश तीसरे कार्यकाल के लिए राज्यसभा के उपसभापति के रूप में निर्विरोध चुने जाने वाले पहले मनोनीत सदस्य बने।

    Read More....
  • छत्तीसगढ़ ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए मसौदा तैयार करने हेतु एक उच्च स्तरीय समिति को मंजूरी दी।

    Read More....
  • आईएमएफ के आंकड़ों के अनुसार, भारत 4.15 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ 2025 में दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना।

    Read More....
  • एशियाई विकास बैंक ने मजबूत घरेलू मांग का हवाला देते हुए वित्त वर्ष 27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 6.9% कर दिया।

    Read More....
  • विश्व हीमोफिलिया दिवस 2026 "निदान: देखभाल की ओर पहला कदम" थीम के साथ 17 अप्रैल को मनाया गया।

    Read More....
  • पंजाब पुलिस ने वास्तविक समय में अपराध ट्रैकिंग और डेटा विश्लेषण के लिए AI-आधारित प्रणाली विकसित करने हेतु IIT रोपड़ के साथ साझेदारी की।

    Read More....
  • फिलीपींस वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने और एक औद्योगिक हब बनाने के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाली "पैक्स सिलिका" पहल में शामिल हुआ।

    Read More....
  • पीएम नरेंद्र मोदी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए विशेष रूप से समर्पित भारत के पहले उच्च स्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे।

    Read More....
  • सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि उत्पीड़न के शिकार दहेज देने वालों पर दहेज निषेध अधिनियम के तहत मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है।

    Read More....