संसद ने Industrial Relations Code Amendment Bill 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया, जिसके बाद सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। श्रम मंत्री Mansukh Mandaviya ने कहा कि यह संशोधन 2020 के श्रम सुधारों से जुड़ी अस्पष्टताओं को दूर करता है और श्रमिक अधिकारों की रक्षा करते हुए कारोबार को आसान बनाता है।
विपक्ष के नेता Mallikarjun Kharge ने इसे श्रमिक विरोधी बताते हुए रोजगार सुरक्षा कमजोर होने की आशंका जताई। कांग्रेस सांसद Jairam Ramesh ने कानून में पूर्व प्रभाव से किए गए बदलावों की आलोचना की। यह संशोधन भारत के श्रम ढांचे को चार राष्ट्रीय श्रम संहिताओं में समेकित करने की व्यापक प्रक्रिया से जुड़ा है।