मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पी.पी.पी.) मॉडल के तहत एक नई सार्वजनिक परिवहन सेवा 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
इस कदम का उद्देश्य राज्य में ग्रामीण, शहरी और अंतर-शहर बस सेवाओं को मजबूत करना है।
इस पहल के तहत सरकार खुद बसें नहीं खरीदेगी, बल्कि पी.पी.पी. मॉडल के तहत निजी ऑपरेटरों के साथ साझेदारी करेगी।
इस परिवहन सेवा के लिए इक्विटी के तौर पर कुल 101.20 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।