अमेरिका-ताइवान संबंधों की वर्तमान स्थिति क्या है?

अमेरिका-ताइवान संबंधों की वर्तमान स्थिति क्या है?

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द हिंदू: 5 मार्च 2025 को प्रकाशित:

 

यह खबर में क्यों है?

16 फरवरी को अमेरिकी विदेश विभाग (U.S. State Department) ने ताइवान पर अपनी नीति अपडेट की, जिसमें से यह वाक्य “हम ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करते” हटा दिया गया।

इसके अलावा, अब अमेरिका ने यह भी कहा कि वह ताइवान की अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में सदस्यता का समर्थन करेगा (जहां संभव हो)।

ताइवान ने इस बदलाव का स्वागत किया, लेकिन चीन ने इसका कड़ा विरोध किया। चीन ने इसे "नीति में गंभीर गिरावट" बताते हुए कहा कि यह ताइवान की स्वतंत्रता समर्थक ताकतों को गलत संदेश भेजता है।

इस बीच, ताइवान स्ट्रेट (Taiwan Strait) में चीन की सैन्य गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं।

डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान, जिन्होंने ताइवान की सुरक्षा और आर्थिक नीति पर सवाल उठाए, ने अमेरिका-ताइवान-चीन संबंधों में और अनिश्चितता पैदा कर दी है।

 

अमेरिका-ताइवान संबंधों की वर्तमान स्थिति

अमेरिका की ताइवान नीति: ताइवान रिलेशन्स एक्ट (TRA), 1979

1979 में बना ताइवान रिलेशन्स एक्ट (TRA), अमेरिका की ताइवान नीति को नियंत्रित करता है। इसमें कहा गया है कि अमेरिका:

  • ताइवान के साथ मजबूत और मित्रतापूर्ण संबंध बनाए रखेगा।
  • ताइवान को आत्मरक्षा के लिए आवश्यक हथियार प्रदान करेगा।
  • इस नीति के कारण, अमेरिका से ताइवान को नियमित रूप से हथियारों की आपूर्ति होती है, जिसे चीन सख्त आपत्ति करता है।
  • वर्तमान में, ताइवान अमेरिका से $7-10 बिलियन के हथियार खरीदने की बातचीत कर रहा है।

 

ट्रंप का ताइवान पर रुख

ताइवान की सुरक्षा को लेकर मिलाजुला रुख:

पिछले ट्रंप प्रशासन ने $10 बिलियन के हथियार सौदे को मंजूरी दी थी और ताइवान-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने वाले कानून पास किए (Taipei Act, Taiwan Travel Act, Taiwan Assurance Act)।

हाल ही में, ट्रंप ने यह संकेत दिया कि ताइवान "बहुत दूर" है और अगर चीन ने हमला किया तो अमेरिका ज्यादा मदद नहीं कर पाएगा।

 

ताइवान की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री और अमेरिका:

  • ट्रंप ने आरोप लगाया कि ताइवान ने अमेरिका से सेमीकंडक्टर उद्योग "छीन लिया" है।
  • ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) ने अमेरिका में $100 बिलियन का निवेश करने की योजना बनाई है, जिससे उसका कुल अमेरिकी निवेश $165 बिलियन हो जाएगा।
  • ताइवान को अमेरिकी सुरक्षा के लिए भुगतान करना चाहिए:
  • ट्रंप चाहते हैं कि ताइवान अपनी रक्षा के लिए अधिक खर्च करे और अमेरिका को सुरक्षा सहायता के लिए भुगतान करे।
  • ताइवान ने पहले ही अपना रक्षा बजट GDP का 2.5% कर दिया है।

 

ताइवान के खिलाफ चीन की आक्रामक नीति

  • चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और किसी भी अंतर्राष्ट्रीय पहचान का विरोध करता है।
  • 2016 से ताइवान में स्वतंत्रता समर्थक डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) की सरकार आने के बाद चीन ने ताइवान पर दबाव बढ़ा दिया है:
  • ताइवान के कई देशों से राजनयिक संबंध समाप्त हो गए और अब केवल 12 देश ताइवान को मान्यता देते हैं।

चीन ने ताइवान स्ट्रेट में सैन्य अभ्यास बढ़ा दिए हैं, जिनमें शामिल हैं:

जासूसी गुब्बारे और साइबर हमले

ताइवान के हवाई क्षेत्र में चीनी लड़ाकू विमानों की घुसपैठ

2024 के ताइवान चुनावों के दौरान, चीन ने अपनी सैन्य गतिविधियों को बढ़ाकर धमकाने की कोशिश की।

 

अमेरिका, चीन और ताइवान के लिए रणनीतिक महत्व

चीन के लिए:

शी जिनपिंग के लिए ताइवान का पुनर्एकीकरण (reunification) "राष्ट्रीय पुनर्जागरण" का हिस्सा है।

अमेरिका-ताइवान संबंधों में बढ़ोतरी चीन के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति बनाती है।

 

अमेरिका के लिए:

ताइवान अमेरिका के लिए एक प्रमुख सेमीकंडक्टर केंद्र और बड़ा हथियार खरीदार है।

ट्रंप के विरोधाभासी बयान अमेरिकी सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को अनिश्चित बनाते हैं।

 

ताइवान के लिए:

चीन का सैन्य खतरा लगातार बढ़ रहा है, जबकि ताइवान अमेरिका के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है।

ताइवान की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री उसकी रणनीतिक स्थिति को और महत्वपूर्ण बनाती है।

 

निष्कर्ष:

अमेरिका-ताइवान संबंध महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं, जहां चीन सैन्य दबाव बढ़ा रहा है, और ट्रंप की अनिश्चित नीति ने असमंजस की स्थिति बना दी है। आने वाले समय में अमेरिका को ताइवान की सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, और चीन के साथ संबंधों के बीच संतुलन बनाना होगा। 

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