द हिंदू: 26 नवंबर 2024 को प्रकाशित:
चर्चा में क्यों:
यह लेख झारखंड में 2024 लोकसभा चुनावों के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं के मतदान पैटर्न पर प्रभाव का विश्लेषण करता है। इसमें केंद्र और राज्य प्रायोजित योजनाओं की पहुंच और प्रभाव का अंतर स्पष्ट किया गया है।
वर्तमान संदर्भ:
कल्याणकारी योजनाएं सरकारों के लिए चुनावी परिणामों को प्रभावित करने का एक महत्वपूर्ण साधन रही हैं।
झारखंड में, कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों का बड़ा हिस्सा गैर-लाभार्थियों की तुलना में INDIA ब्लॉक के पक्ष में मतदान करता पाया गया।
केंद्र प्रायोजित योजनाओं जैसे PDS और मनरेगा की पहुंच राज्य प्रायोजित योजनाओं की तुलना में अधिक प्रभावशाली पाई गई।
युवा-केंद्रित योजनाओं का प्रसार:
युवाओं को लक्षित करने वाली योजनाओं की जागरूकता तुलनात्मक रूप से कम है।
केवल 25% उत्तरदाता मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना से अवगत थे और मात्र 16% ने इसके लाभ प्राप्त करने में रुचि दिखाई।
मुख्य अवलोकन:
केंद्र सरकार की योजनाएं:
PDS (67% लाभार्थी) और मनरेगा (22% लाभार्थी) जैसी योजनाओं का प्रभाव महत्वपूर्ण रहा।
इन योजनाओं के लाभार्थियों ने मुख्य रूप से INDIA ब्लॉक के पक्ष में मतदान किया।
राज्य सरकार की योजनाएं:
मुफ़्त बिजली योजना राज्य की योजनाओं में अधिक प्रभावी रही (55% लाभार्थी)।
राज्य योजनाओं के लाभार्थी भी INDIA ब्लॉक की ओर झुके, लेकिन प्रभाव सीमित रहा।
चुनावी निहितार्थ:
कल्याणकारी योजनाएं मतदान व्यवहार को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहती हैं।
झारखंड में INDIA ब्लॉक की सफलता PDS और मनरेगा जैसी कल्याणकारी योजनाओं की व्यापक पहुंच से जुड़ी है।
हालांकि, युवाओं को लक्षित योजनाओं की सीमित जागरूकता और रुचि भविष्य की चुनावी रणनीतियों में ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता को दर्शाती है।
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