द हिंदू: 14 जनवरी 2025 को प्रकाशित:
समाचार में क्यों है?
अमेरिकी प्रशासन ने एक जांच में निष्कर्ष निकाला है कि चीन अनुचित व्यापार नीतियों का उपयोग करके वैश्विक जहाज निर्माण, समुद्री और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में प्रभुत्व स्थापित कर रहा है।
इन निष्कर्षों के आधार पर चीनी निर्मित जहाजों पर टैरिफ लगाए जा सकते हैं, जिससे अमेरिका-चीन व्यापार तनाव और बढ़ सकता है।
जांच में पहचाने गए प्रमुख मुद्दे:
वित्तीय सहायता: चीनी जहाज निर्माताओं को भारी सरकारी सब्सिडी दी जा रही है।
बाजार प्रतिबंध: चीन में विदेशी कंपनियों के लिए बाधाएं।
तकनीकी हस्तांतरण का दबाव: तकनीकी लाभ पाने के लिए बौद्धिक संपदा की चोरी और जबरन तकनीकी हस्तांतरण।
श्रम लागत में हेरफेर: चीन के जहाज निर्माण और समुद्री क्षेत्रों में कृत्रिम रूप से श्रम लागत को कम किया गया।
वैश्विक जहाज निर्माण उद्योग पर प्रभाव:
चीन का उदय: 2000 में 5% से बढ़कर 2023 में चीन का वैश्विक बाजार हिस्सेदारी 50% से अधिक हो गया।
अमेरिका की गिरावट: अमेरिकी हिस्सेदारी 1% से कम हो गई है। दक्षिण कोरिया और जापान चीन के बाद सबसे बड़े जहाज निर्माता हैं।
बाजार की असमानता: चीनी जहाज निर्माण का प्रभुत्व वैश्विक समुद्री उद्योग में असंतुलन पैदा कर सकता है।
अमेरिकी नीति पर प्रभाव:
चीनी जहाजों पर टैरिफ: 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत टैरिफ लगाए जा सकते हैं।
दीर्घकालिक चुनौतियाँ: अमेरिकी जहाज निर्माण उद्योग को फिर से खड़ा करने में दशकों का समय और भारी निवेश लगेगा।
सहयोगी समर्थन: अमेरिका नौसैनिक और औद्योगिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सहयोगी देशों से समर्थन ले सकता है।
व्यापक आर्थिक संदर्भ:
द्विदलीय सहमति: डेमोक्रेट और रिपब्लिकन, दोनों चीन की औद्योगिक नीतियों का विरोध करने की आवश्यकता पर सहमत हैं।
नीतियों का निरंतरता: बाइडेन प्रशासन ने ट्रंप-युग के टैरिफ बनाए रखा और चीन के प्रभुत्व को कम करने के लिए निर्यात नियंत्रण पेश किए।
चीन का खंडन: चीन इन आरोपों को खारिज करता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मानदंडों का पालन करने का दावा करता है।
भविष्य की दृष्टि:
टैरिफ और व्यापार प्रतिबंध: चीनी जहाज निर्माण के खिलाफ व्यापार कार्रवाई में वृद्धि की संभावना है।
औद्योगिक पुनर्निर्माण: अमेरिका अपने जहाज निर्माण उद्योग को पुनर्जीवित करने की योजना बना रहा है, जिसमें सब्सिडी, टैरिफ और रणनीतिक साझेदारी शामिल हो सकती हैं।
वैश्विक समुद्री गतिशीलता: बढ़ते तनाव अन्य जहाज निर्माण देशों जैसे दक्षिण कोरिया और जापान को चीन के प्रभुत्व के खिलाफ अमेरिका के साथ गठबंधन करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
अमेरिकी जांच के निष्कर्षों से यह स्पष्ट है कि चीन के जहाज निर्माण और समुद्री क्षेत्रों में प्रभुत्व अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती है। हालांकि टैरिफ और नीतियां तत्काल व्यापार असंतुलन को कम कर सकती हैं, लेकिन अमेरिकी जहाज निर्माण उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए दीर्घकालिक, द्विदलीय प्रतिबद्धता, भारी निवेश और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता होगी।
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