द हिंदू: 05 दिसंबर, 2024 को प्रकाशित:
क्यों चर्चा में?
दक्षिण कोरिया की विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति यून सुक-योल के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश किया है। यह कदम उनके अचानक घोषित मार्शल लॉ के बाद उठाया गया, जो केवल छह घंटे तक चला। इस अभूतपूर्व कदम ने व्यापक आलोचना को जन्म दिया और देश में राजनीतिक तनाव को उजागर किया।
अब तक की कहानी:
मार्शल लॉ की घोषणा: राष्ट्रपति यून ने "राज्य विरोधी" ताकतों के खतरे का हवाला देते हुए मार्शल लॉ घोषित किया।
संसद द्वारा पलटवार: नेशनल असेंबली ने सर्वसम्मति से आदेश को रद्द कर दिया, जिससे मार्शल लॉ कुछ ही घंटों में निष्प्रभावी हो गया।
राजनीतिक विरोध: बहुमत रखने वाली डेमोक्रेटिक पार्टी और छोटी विपक्षी पार्टियां राष्ट्रपति यून के इस्तीफे की मांग कर रही हैं।
प्रमुख मुद्दे:
संवैधानिक उल्लंघन: विपक्ष का आरोप है कि यह घोषणा असंवैधानिक और विद्रोह का गंभीर कृत्य थी।
महाभियोग प्रक्रिया: राष्ट्रपति यून को पद से हटाने के लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत और नौ संवैधानिक न्यायाधीशों में से छह की मंजूरी आवश्यक है।
सरकारी संकट: रक्षा मंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने राजनीतिक उथल-पुथल के बीच इस्तीफे की पेशकश की है।
वर्तमान घटनाक्रम:
विपक्ष की स्थिति: 300 सदस्यीय नेशनल असेंबली में डेमोक्रेटिक पार्टी और सहयोगियों के पास 192 सीटें हैं, जो महाभियोग के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत के करीब हैं।
आगामी कदम: प्रस्ताव पर शुक्रवार तक मतदान हो सकता है, जिसके बाद कानूनी और राजनीतिक लड़ाई संभव है।
शासन पर प्रभाव: यदि महाभियोग होता है, तो राष्ट्रपति यून के अधिकार निलंबित कर दिए जाएंगे और प्रधानमंत्री हान डक-सू राष्ट्रपति की जिम्मेदारियां संभालेंगे।
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