सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अश्लील और पोर्नोग्राफिक कंटेंट ब्लॉक करने का निर्देश: केंद्र सरकार

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अश्लील और पोर्नोग्राफिक कंटेंट ब्लॉक करने का निर्देश: केंद्र सरकार

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द हिंदू में 31 दिसंबर 2025 को प्रकाशित

 

खबरों में क्यों?

29 दिसंबर 2025 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अश्लील, पोर्नोग्राफिक और अवैध कंटेंट को तुरंत हटाने का निर्देश देते हुए सख्त एडवाइजरी जारी की। Significant Social Media Intermediaries (SSMIs) को ऐसे कंटेंट की पहचान के लिए ऑटोमेटेड टूल्स तैनात करने को कहा गया है, अन्यथा उन्हें IT Act की धारा 79 के तहत मिलने वाली सेफ हार्बर सुरक्षा खोने का जोखिम होगा। यह कदम बढ़ती सार्वजनिक शिकायतों और सुप्रीम कोर्ट की चिंताओं के बीच उठाया गया है, इससे पहले जुलाई 2025 में 25 OTT प्लेटफॉर्म्स को अश्लील कंटेंट के लिए ब्लॉक किया गया था।

 

आईटी नियम, 2021 के तहत दायित्व

Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 के तहत, इंटरमीडियरीज़ को उपयोगकर्ताओं द्वारा निम्नलिखित कंटेंट होस्ट या साझा करने से रोकना अनिवार्य है:

  • अश्लील और पोर्नोग्राफिक सामग्री
  • पीडोफिलिक और बाल यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट
  • नाबालिगों के लिए हानिकारक सामग्री

50 लाख से अधिक रजिस्टर्ड यूज़र्स वाले प्लेटफॉर्म्स (SSMIs) पर अतिरिक्त जिम्मेदारियाँ हैं, जैसे:

  • Chief Compliance Officer, Nodal Contact Person और Grievance Officer की नियुक्ति
  • तकनीक आधारित टूल्स से अवैध कंटेंट की प्रो-एक्टिव पहचान
  • शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर अंतरंग या यौन कंटेंट को हटाना
  • मासिक कंप्लायंस रिपोर्ट प्रकाशित करना
  • गंभीर अपराधों के लिए originator tracing सक्षम करना

 

सेफ हार्बर पर खतरा

IT Act की धारा 79 इंटरमीडियरीज़ को यूज़र-जनरेटेड कंटेंट के लिए जिम्मेदारी से छूट (safe harbour) देती है, लेकिन यह केवल due diligence के पालन पर निर्भर है। MeitY ने स्पष्ट किया है कि अवैध कंटेंट पर समय पर कार्रवाई न करने वाले प्लेटफॉर्म्स यह सुरक्षा खो सकते हैं।
सेफ हार्बर समाप्त होने पर प्लेटफॉर्म्स पर निम्न कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है:

  • IT Act, 2000
  • भारतीय न्याय संहिता
  • POCSO Act
  • Indecent Representation of Women (Prohibition) Act

ऐसी स्थिति में प्लेटफॉर्म्स अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद अवैध कंटेंट के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।

 

सरकार की पिछली कार्रवाइयाँ और न्यायिक हस्तक्षेप

यह एडवाइजरी पहले से चल रही सख्त कार्रवाइयों और न्यायिक दखल का विस्तार है:

  • जुलाई 2025: अश्लील कंटेंट के लिए 25 OTT प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया गया
  • अप्रैल 2025: सोशल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म्स पर पोर्नोग्राफिक प्रोफाइल्स और बाल-संबंधी कंटेंट को लेकर PIL पर सुप्रीम कोर्ट की नोटिस
  • डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों और इंडस्ट्री बॉडीज़ के साथ निरंतर समन्वय

 

आगे की राह

आगे बढ़ते हुए, प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्लेटफॉर्म्स को AI-आधारित और बहुभाषी कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम को मजबूत करना होगा, साथ ही मनमानी सेंसरशिप से बचने के लिए मानव निगरानी सुनिश्चित करनी होगी। नियमित थर्ड-पार्टी ऑडिट, पारदर्शी कंप्लायंस रिपोर्टिंग और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बेहतर सहयोग से जवाबदेही बढ़ेगी। इसके साथ ही बच्चों और अभिभावकों के लिए डिजिटल साक्षरता और जागरूकता अभियान भी जरूरी हैं। सरकार, प्लेटफॉर्म्स, सिविल सोसायटी और इंडस्ट्री के बीच सहयोग से ही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाए रखते हुए ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

 

निष्कर्ष

MeitY की यह एडवाइजरी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अधिक जवाबदेह और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए। ऑटोमेटेड मॉनिटरिंग, तेज़ टेकडाउन और IT Rules के सख्त पालन पर जोर देकर सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग पर लगाम लगाना चाहती है। यह कदम स्पष्ट करता है कि सेफ हार्बर कोई अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदार आचरण पर आधारित एक विशेषाधिकार है।

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