द हिंदू: 8 अप्रैल 2025 को प्रकाशित:
समाचार में क्यों?
अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापार युद्ध के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। भारत सहित जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और चीन के बाजारों में कोविड-19 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर 50% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की चेतावनी ने वैश्विक मंदी की आशंका को और गहरा कर दिया।
क्या हुआ (What Happened):
भारतीय शेयर बाजार 5% की गिरावट के साथ खुले और दिन के अंत में लगभग 3% की गिरावट के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स 2,227 अंक गिरकर 73,138 पर बंद हुआ।
निफ्टी 743 अंक गिरकर 22,162 पर बंद हुआ।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ब्लूचिप कंपनियों की तुलना में अधिक गिरावट देखी गई।
मुख्य गिरने वाले शेयर: टाटा स्टील, एलएंडटी, टाटा मोटर्स, कोटक महिंद्रा बैंक, इन्फोसिस।
टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी जगुआर लैंड रोवर (JLR) ने अमेरिका को निर्यात रोक दिया है।
गिरावट का कारण (Cause of the Crash):
अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध की फिर से शुरुआत।
ट्रंप की 50% अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी।
चीन की प्रतिशोधात्मक नीति।
संभावित वैश्विक मंदी की आशंका।
निवेशकों में अनिश्चितता और घबराहट।
ट्रंप का मुख्य बयान:
"यदि चीन अपनी 34% शुल्क वृद्धि को वापस नहीं लेता, तो अमेरिका 9 अप्रैल से 50% अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा।" — ट्रूथ सोशल पोस्ट
इस बयान ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों में डर पैदा कर दिया।
वैश्विक प्रभाव (Global Market Impact):
जापान का निक्केई 225 8.8% की गिरावट के साथ एक समय 1.5 वर्ष के न्यूनतम स्तर पर पहुंचा, अंत में 7.8% की गिरावट पर बंद हुआ।
दक्षिण कोरिया का KOSPI 5.57% गिरा और 17 महीने के न्यूनतम स्तर पर बंद हुआ।
हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 13.22% की गिरावट के साथ 1997 के एशियाई वित्तीय संकट के बाद की सबसे बड़ी गिरावट में रहा।
चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 7.34% गिरा, जो पांच वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट है।
अमेरिकी बाज़ारों (शुरुआती घंटों में):
NASDAQ 1.99% गिरा
Dow Jones 2.70% गिरा
S&P 500 0.31% गिरा
नियंत्रण तंत्र सक्रिय (Market Controls Triggered):
दक्षिण कोरिया और जापान में भारी उतार-चढ़ाव को थामने के लिए सर्किट ब्रेकर लगाकर ट्रेडिंग को रोक दिया गया।
भारतीय बाजार दृष्टिकोण (Indian Market View):
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के देवर्ष वकील के अनुसार:
"निफ्टी का 5% का गैप-डाउन ओपनिंग मार्च 2020 के कोविड क्रैश के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है।"
इस गिरावट ने निवेशकों की भावनाओं को कमजोर कर दिया।
प्रभाव और निष्कर्ष (Impact & Implications):
निवेशकों में अनिश्चितता और भय।
एक्सपोर्ट आधारित सेक्टर, विशेषकर ऑटोमोबाइल और मेटल, पर असर।
अमेरिका-चीन तनाव से वैश्विक मंदी की संभावना।
मुद्रास्फीति और मौद्रिक नीति पर प्रभाव।
भूराजनीतिक परिप्रेक्ष्य (Geopolitical Context):
दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव से वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हो सकती है।
राजकोषीय और मौद्रिक नीति की दिशा बदल सकती है।
आगे राजनयिक वार्ताओं और नीति बदलाव की संभावना है।
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