द हिंदू: 21 मार्च 2025 को प्रकाशित:
चर्चा में क्यों है?
ट्रंप प्रशासन की आर्थिक नीतियां, जिनमें टैरिफ (आयात शुल्क), विनियमन में कटौती (deregulation) और "अमेरिका फर्स्ट" पहल शामिल हैं, वैश्विक व्यापार की गतिशीलता को बदल रही हैं। एशियाई व्यवसाय और निवेशक अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए नए विकल्प तलाश रहे हैं, जिससे वैश्विक व्यापार और डॉलर के वर्चस्व को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
बदलता वैश्विक आर्थिक परिदृश्य-
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से, अमेरिका वैश्विक व्यापार में प्रमुख शक्ति रहा है, और डॉलर दुनिया की आरक्षित मुद्रा के रूप में कार्य कर रहा है।
ट्रंप की नीतियां, जैसे कनाडा और यूरोप पर टैरिफ, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक गठबंधनों को नया आकार दे रही हैं।
कई देश और कंपनियां "अमेरिका प्लस 1" रणनीति अपना रही हैं, जिससे वे केवल अमेरिका पर निर्भर न रहें।
एशिया की भूमिका और विविधीकरण की रणनीति-
चीन और भारत का बढ़ता प्रभाव
चीन, अमेरिकी निर्भरता कम करने के लिए अपने कारोबारियों को अन्य बाजारों में निवेश करने को प्रोत्साहित कर रहा है।
भारत एक प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है, जिससे विश्व बहुध्रुवीय (multipolar) बनता जा रहा है।
वित्तीय विविधीकरण (Financial Diversification) के प्रयास
स्टैंडर्ड चार्टर्ड और सिटी बैंक जैसी एशियाई बैंकिंग कंपनियां बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों को संभालने के लिए नए विकल्प तलाश रही हैं।
कई व्यवसाय अमेरिका के बजाय एशिया-मध्य पूर्व और एशिया-लैटिन अमेरिका जैसे नए व्यापार मार्गों का अनुसरण कर रहे हैं।
अमेरिका पर निर्भरता कम करने में चुनौतियां
अमेरिका की मजबूत अर्थव्यवस्था, पूंजी बाजार और संस्थागत स्थिरता के कारण यह अब भी निवेश के लिए आकर्षक बना हुआ है।
अमेरिकी डॉलर के अलावा कोई ठोस वैश्विक विकल्प अभी तक नहीं उभरा है।
अमेरिकी संपत्तियों के विकल्प खोजने में चुनौतियां-
सोना, क्रिप्टोकरेंसी और युआन (चीनी मुद्रा)
कई केंद्रीय बैंक डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं।
क्रिप्टोकरेंसी अस्थिर है और अभी मुख्यधारा का विकल्प नहीं बन सकी है।
युआन लोकप्रिय हो रहा है, लेकिन कंपनियों को इससे जुड़े हेजिंग (जोखिम प्रबंधन) में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
स्वैप कनेक्ट (Swap Connect) का विस्तार
हांगकांग एक्सचेंज का "स्वैप कनेक्ट" कंपनियों को युआन के साथ लेन-देन में जोखिम कम करने में मदद करता है।
इसका औसत दैनिक टर्नओवर 2023 में 3 बिलियन युआन से बढ़कर 2024 में 14.9 बिलियन युआन ($2.06 बिलियन) हो गया।
आर्थिक और बाजार प्रभाव-
आगे क्या होगा?
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