उत्तर प्रदेश के प्रमुख GI टैग
उत्तर प्रदेश, जिसे अक्सर भारत का हृदयस्थल कहा जाता है, सिर्फ आध्यात्मिक गहराई और राजनीतिक महत्व का प्रदेश नहीं है; यह जीवंत परंपराओं का एक विशाल संग्रहालय भी है। हाल के वर्षों में, राज्य ने "GI क्रांति" का अनुभव किया है, और 70+ अनोखे उत्पादों के लिए भूगोलिक संकेत (GI) टैग प्राप्त किया है।
यह बौद्धिक संपदा सुरक्षा सुनिश्चित करती है कि केवल विशिष्ट क्षेत्रों के असली उत्पादक ही इस नाम का उपयोग कर सकें, जिससे राज्य के स्थानीय ज्ञान की नकल से सुरक्षा होती है। बनारस के नाजुक हथकरघों से लेकर कन्नौज के सुगंधित आसवनी तक, आइए देखें कि कैसे ये टैग स्थानीय अर्थव्यवस्था को बदल रहे हैं और उत्तर प्रदेश की आत्मा को संरक्षित कर रहे हैं।

GI टैग क्या है?
भूगोलिक संकेत (Geographical Indication – GI) एक चिन्ह है जो उन उत्पादों पर उपयोग किया जाता है जिनकी विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति होती है और जिनमें उन क्षेत्रों के कारण विशेष गुण या प्रतिष्ठा होती है। किसी उत्पाद के GI के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए उत्पाद और उसके मूल उत्पादन स्थान के बीच स्पष्ट संबंध होना अनिवार्य है।
उत्तर प्रदेश में GI उत्पादों की श्रेणियाँ
उत्तर प्रदेश की समृद्धि मुख्य रूप से चार प्रमुख क्षेत्रों में वर्गीकृत की जाती है:
कृषि और खाद्य उत्पाद
ये उत्पाद उत्तर प्रदेश की विविध मिट्टी और जलवायु से उत्पन्न विशिष्ट स्वाद और विशेषताओं के लिए पहचाने जाते हैं।
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उत्पाद का नाम |
श्रेणी |
उत्पत्ति/क्षेत्र |
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इलाहाबाद सुरखा अमरूद |
कृषि |
प्रयागराज |
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कालानामक चावल |
कृषि |
सिद्धार्थनगर / गोरखपुर |
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आम मलिहाबादी दशहरी |
कृषि |
मलिहाबाद (लखनऊ) |
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रतौल आम |
कृषि |
बागपत |
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बनारस लंगड़ा आम |
कृषि |
वाराणसी |
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प्रतापगढ़ आँवला |
कृषि |
प्रतापगढ़ |
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महोबा देसावरी पान |
कृषि |
महोबा |
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बासमती चावल |
कृषि |
विभिन्न (पश्चिमी यूपी) |
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बुंदेलखंड कठिया गेहूँ |
कृषि |
बुंदेलखंड |
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बनारस लाल भरवामिर्च |
कृषि |
वाराणसी |
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मुजफ्फरनगर गुड़ |
खाद्य पदार्थ |
मुजफ्फरनगर |
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हाथरस हींग |
खाद्य पदार्थ |
हाथरस |
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बनारस लाल पेड़ा |
खाद्य पदार्थ |
वाराणसी |
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जौनपुर इमरती |
खाद्य पदार्थ |
जौनपुर |
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बनारस ठंडाई |
खाद्य पदार्थ |
वाराणसी |
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बनारस तिरंगी बर्फी |
खाद्य पदार्थ |
वाराणसी |
टेक्सटाइल और हस्तशिल्प
उत्तर प्रदेश पारंपरिक टेक्सटाइल और हस्तशिल्प में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। राज्य की कलाकारी और शिल्पकला का इतिहास सदियों पुराना है, जिसमें कढ़ाई, बुनाई, पैचवर्क और मुद्रांकन जैसी पारंपरिक तकनीकों का समावेश है। लखनऊ की चिकन कढ़ाई से लेकर बनारस की बनारसी साड़ियों तक, इन शिल्पों में न केवल सुंदरता और जटिलता है, बल्कि यह स्थानीय सांस्कृतिक विरासत और कौशल का प्रतीक भी हैं।
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उत्पाद का नाम |
श्रेणी |
विशिष्ट विवरण |
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लखनऊ चिकन क्राफ्ट |
हस्तशिल्प |
जटिल पुष्पाकार हाथ की कढ़ाई |
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बनारस बनारसी और साड़ियाँ |
हस्तशिल्प |
सोने/चांदी के धागों से हाथ से बुना रेशमी कपड़ा |
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लखनऊ ज़रदो़ज़ी |
हस्तशिल्प |
भारी 3D धातु धागे की कढ़ाई |
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भदोही हस्तनिर्मित कालीन |
हस्तशिल्प |
"कार्पेट सिटी" ऑफ़ द वर्ल्ड |
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फ़र्रुख़ाबाद प्रिंट्स |
हस्तशिल्प |
पारंपरिक हाथ-छाप मुद्रांकन |
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मऊ साड़ी |
हस्तशिल्प |
महीन कपास और रेशम की बुनाई |
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बाराबंकी हैंडलूम |
हस्तशिल्प |
अनोखी हाथ से बुनी दुपट्टियाँ और स्कार्फ़ |
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बागपत होम फ़र्निशिंग |
हस्तशिल्प |
विशेष हाथ से बुने बेडकवर्स |
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रामपुर पैचवर्क |
हस्तशिल्प |
कपड़े के टुकड़ों की कलात्मक सिलाई |
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थारू कढ़ाई |
हस्तशिल्प |
लखीमपुर खीरी के जीवंत जनजातीय पैटर्न |
धातु, लकड़ी और पत्थर के शिल्प
ये GI टैग राज्य की कठोर सामग्री और संगीत वाद्ययंत्रों में महारत को दर्शाते हैं।
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उत्पाद का नाम |
श्रेणी |
उत्पत्ति/स्थान |
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मुरादाबाद धातु शिल्प |
हस्तशिल्प |
विश्व-प्रसिद्ध पीतल और तांबे के बर्तन |
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सहारनपुर लकड़ी शिल्प |
हस्तशिल्प |
शीशम लकड़ी पर जटिल पुष्पाकार नक्काशी |
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फ़िरोज़ाबाद कांच |
हस्तशिल्प |
"चूड़ियों का शहर" और कांच की मणियां |
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अलीगढ़ ताला |
हस्तशिल्प |
हाथ से बनाए गए ताले और हार्डवेयर |
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मेरठ कैंची |
निर्मित |
स्क्रैप मेटल से बनाई गई उच्च-निर्ध precisão |
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खुरजा मिट्टी के बर्तन |
हस्तशिल्प |
विशिष्ट नीले और सफ़ेद चढ़े हुए सिरामिक बर्तन |
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चुनार बलुआ पत्थर |
प्राकृतिक
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ऐतिहासिक स्मारकों में प्रयुक्त प्राकृतिक बलुआ पत्थर |
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अमरोहा ढोलक |
हस्तशिल्प |
आम/सागौन लकड़ी से बनी संगीत वाद्य ढोलक |
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पीलीभीत बांसुरी |
हस्तशिल्प |
उच्च गुणवत्ता वाली बांसुरी |
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मथुरा संझी कला |
हस्तशिल्प |
जटिल कागज़-कटिंग कला |
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मैनपुरी तर्कशी |
हस्तशिल्प |
लकड़ी पर पीतल तार जड़ित कार्य |
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मेरठ बगुला |
हस्तशिल्प |
रक्षा बलों में प्रयुक्त पीतल वाद्य यंत्र |
निर्मित, प्राकृतिक और विविध उत्पाद
ये अनोखे उत्पाद हैं जो मानक श्रेणियों में नहीं आते लेकिन अत्यधिक मूल्यवान हैं।
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उत्पाद का नाम |
उत्पत्ति |
श्रेणी |
उपयोग / विशेषता |
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कन्नौज इत्र |
कन्नौज |
निर्मित |
प्राकृतिक अत्तर और आवश्यक तेल |
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कानपुर सैडलरी |
कानपुर |
हस्तशिल्प |
उच्च गुणवत्ता वाले चमड़े के घोड़े का सामान |
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आगरा चमड़े के जूते |
आगरा |
निर्मित |
सटीक रूप से निर्मित जूते और सैंडल |
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कलपी हस्तनिर्मित कागज़ |
कलपी |
हस्तशिल्प |
प्राकृतिक रेशों से बना पर्यावरण अनुकूल कागज़ |