स्रोत: द हिंदू
खबरों में क्यों?
20 जुलाई, 2017 को हुए सौर विस्फोट के कोर की ऊर्जा स्थिति में चल रहे परिवर्तनों की बारीकी से निगरानी कर रहे शोधकर्ताओ ने एक दिलचस्प खोज की है।
सौर कोरोना से अंतरिक्ष में अत्यधिक चुंबकित प्लाज्मा को निष्कासित करने वाले विस्फोट के बावजूद, कोर ने लगातार स्थिर तापमान बनाए रखा है। यह खोज पृथ्वी की संचार प्रणालियों पर ऐसे विस्फोटों के संभावित प्रभाव की हमारी समझ को बढ़ाने के लिए वादा करती है।
अध्ययन के निष्कर्ष क्या हैं?
कोरोनल मास इजेक्शन क्या हैं?
भारत का सौर मिशन क्या है?
भारत के पहले सौर मिशन आदित्य-एल 1 पर दृश्य उत्सर्जन लाइन कोरोनाग्राफ (वीईएलसी) आंतरिक कोरोना में सीएमई की स्पेक्ट्रोस्कोपी और इमेजिंग दोनों करेगा और आंतरिक कोरोना में सीएमई थर्मोडायनामिक गुणों के विकास में नई अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा।
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