बिहार भारत के सबसे समृद्ध पाषाण युग पुरातात्विक क्षेत्रों में से एक है। यहाँ के उत्खनन से मानव जीवन, औजार निर्माण, शिकार, संग्रहण और प्रारंभिक बस्तियों की जानकारी मिलती है। पाषाण युग को बिहार में तीन मुख्य चरणों में बांटा गया है:
1. प्राचीन पाषाण युग (Palaeolithic Age)
मुख्य स्थल: मुंगेर, नालंदा
a) प्रारंभिक / लोअर पाषाण युग (500,000 – 50,000 ई.पू.)

b) मध्य पाषाण युग (50,000 – 40,000 ई.पू.)

c) उच्च पाषाण युग (40,000 – 10,000 ई.पू.)

2. मध्य पाषाण युग (Mesolithic Age)
मुख्य स्थल: पैसारा (मुंगेर)

3. नवपाषाण युग (Neolithic Age)
मुख्य स्थल: सेनवर (बिहार), मास्की, ब्रह्मगिरी, हल्लूर

निष्कर्ष
बिहार की पाषाण युग विरासत मानव विकास की कहानी बयाँ करती है:
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