भारतीय नौसेना ने कंबाइंड मैरिटाइम फोर्सेज के तहत सीटीएफ-154 की कमान संभाली, जिससे बहुराष्ट्रीय समुद्री सहयोग मजबूत हुआ। यह टास्क फोर्स प्रशिक्षण और क्षेत्रीय सुरक्षा पर केंद्रित है।
मुंबई की अग्नीवस्त्रा कंपनी ने भारतीय सेना के साथ उन्नत कार्बन रक्षा सामग्री के लिए समझौता किया। यह समझौता मेक इन इंडिया के तहत स्वदेशी निर्माण को मजबूत करेगा।
रक्षा मंत्रालय ने कोस्ट गार्ड विमानों के लिए एचएएल के साथ 2,312 करोड़ रुपये का समझौता किया। इससे घरेलू निर्माण और समुद्री सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
भारत 18–23 फरवरी को ईस्टर्न हिमालय में पहला अंतरराष्ट्रीय मिलिट्री एडवेंचर चैलेंज कप आयोजित करेगा।
भारत जल्द ही INS अरिधमन को नौसेना में शामिल करेगा, जिससे उसकी द्वितीय प्रहार क्षमता और निरंतर समुद्री परमाणु प्रतिरोध मजबूत होगा। यह पनडुब्बी K-15 और K-4 मिसाइलों से लैस होगी।