Category : InternationalPublished on: November 16 2025
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जापान और अमेरिका ने मिनामिटोरिशिमा के पास गहरे समुद्र में रेयर अर्थ खनन के लिए गठबंधन किया, जिससे चीन पर निर्भरता कम होगी।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ऐतिहासिक व्हाइट हाउस दौरे से पहले सीरियाई राष्ट्रपति पर लगे प्रतिबंध हटा दिए।
COP30 2025 ब्राज़ील के बेलें में शुरू, जलवायु कार्रवाई, पेरिस समझौते का पालन, वनों की सुरक्षा और वैश्विक जलवायु वित्त पर केंद्रित।
मिस्र ने पश्चिमी रेगिस्तान में नया प्राकृतिक गैस क्षेत्र खोजा, जिससे उसकी ऊर्जा भंडार और निर्यात क्षमता बढ़ी।
भारत और अंगोला ने राष्ट्रपति मुर्मू के ऐतिहासिक पहले दौरे के दौरान कई समझौतों पर हस्ताक्षर कर संबंध मजबूत किए।
भारत और वियतनाम ने हनोई में 15वीं रक्षा नीति वार्ता के दौरान पनडुब्बी बचाव सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर और रक्षा उद्योग सहयोग को मजबूत किया।
भारत और सऊदी अरब ने रियाद में कला, विरासत, संगीत और साहित्य में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
ओमान को यूनेस्को की 'मैन एंड द बायोस्फीयर (MAB)' परिषद के लिए 2025–2029 अवधि हेतु चुना गया है, जिससे उसकी वैश्विक जैव विविधता और सतत विकास में नेतृत्व भूमिका मजबूत हुई है।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कनाडा में जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेकर भारत की वैश्विक साझेदारी और ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मज़बूती दी।
बांग्लादेश संयुक्त राष्ट्र जल अभिसमय से जुड़ने वाला पहला दक्षिण एशियाई देश बना, जिससे क्षेत्रीय जल सहयोग और जलवायु कूटनीति में नई दिशा मिली।
भारत ने ब्राज़ील में COP30 में समानता, जलवायु वित्त और सभी के लिए तकनीकी पहुँच की मांग की।
संस्कृत की शाश्वत ज्ञान परंपरा और भारत–श्रीलंका की साझा सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाने हेतु संस्कृत महोत्सव 2025 का कोलंबो में शुभारंभ।
भारत ने रूस से भारतीय संस्थानों के अनुमोदन को तेज करने और समुद्री, कृषि तथा दवा उत्पादों के पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है, ताकि द्विपक्षीय व्यापार को मजबूत किया जा सके।
भारत और नेपाल ने ट्रांजिट मार्गों के विस्तार हेतु लेटर ऑफ एक्सचेंज पर हस्ताक्षर किए, जिससे जोगबनी–बिराटनगर के बीच सीधे रेल-आधारित माल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और द्विपक्षीय तथा तृतीय देश व्यापार मजबूत होगा।
नई दिल्ली में हुई 7वीं मंत्रिस्तरीय वार्ता में भारत और कनाडा ने अपनी आर्थिक साझेदारी को और मजबूत किया।
प्रोजेक्ट चीता के तहत बोत्सवाना ने भारत को आठ चीते उपहारस्वरूप दिए, जिसकी साक्षी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मोकोलोड़ी नेचर रिज़र्व में बनीं।