उत्तराखंड का माणा गांव, जो पहले अंतिम भारतीय गांव के रूप में जाना जाता था, अब 'पहले भारतीय गांव' के रूप में जाना जाएगा।
उत्तराखंड के चमोली में भारत-चीन सीमा पर माणा गांव स्थित है।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने सीमावर्ती गांव की दहलीज पर एक साइनबोर्ड लगाया, जिसमें माना की स्थिति में सुधार की घोषणा की गई है।
इससे कुछ महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल अक्टूबर में माणा का दौरा किया था और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस टिप्पणी के प्रति समर्थन जताया था कि यह देश का पहला गांव है और हर सीमावर्ती गांव पहला गांव होना चाहिए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के सीमावर्ती क्षेत्र और अधिक जीवंत हो रहे हैं। उन्होंने कहा, 'इसके लिए वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम शुरू किया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण में 'वाइब्रेंट विलेज' योजना का जिक्र किया गया है और इसका उद्देश्य उत्तरी सीमा पर 19 जिलों, चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और लद्दाख के 46 सीमावर्ती ब्लॉकों के गांवों का विकास करना है।