Category : Science and TechPublished on: January 30 2026
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बोस संस्थान के शोधकर्ताओं ने पाया है कि पश्चिमी भारत के शुष्क क्षेत्रों से उठने वाले धूल भरे तूफान सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर सकते हैं। ये तूफान घनी आबादी वाले और प्रदूषित भारत-गंगा के मैदानी इलाकों को पार करते हुए हिमालय की पहाड़ियों पर जमा हो जाते हैं। दो वर्षों से अधिक समय तक चले इस अध्ययन में वायु गुणवत्ता और क्षेत्रीय जलवायु पर धूल भरे तूफानों के दीर्घकालिक और दूरगामी प्रभावों पर प्रकाश डाला गया है।
पश्चिमी भारत से उड़ने वाली धूल की परतें पूर्वी हिमालय तक हवा के साथ सूक्ष्मजीव (Pathogens) ले जा रही हैं, जो श्वसन और त्वचा रोगों का कारण बन रहे हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि हिमालय की हवा को स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन वहां की अत्यधिक ठंड और ऑक्सीजन की कमी (Hypoxia) लोगों की संवेदनशीलता बढ़ा देती है। उच्च ऊंचाई वाली आबादी में श्वसन रोगों और हवाई सूक्ष्मजीवों के बीच संबंध के प्रमाण अब तक सीमित थे।