Category : Science and TechPublished on: October 30 2023
Share on facebook
संयुक्त राष्ट्र संघ ने हाल ही में 'इंटरकनेक्टेड डिजास्टर रिस्क रिपोर्ट', 2023 जारी की।
यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय - पर्यावरण और मानव सुरक्षा संस्थान द्वारा जारी की गई है।
यह रिपोर्ट जल संकट से संबंधित है।
रिपोर्ट के अनुसार भारत में सिंधु-गंगा के मैदान के कुछ क्षेत्र पहले ही भूजल की कमी के खतरनाक बिंदु को पार कर चुके हैं।
पूरे उत्तर-पश्चिमी भारत में वर्ष 2025 तक कम भूजल उपलब्धता का गंभीर संकट होने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार दुनिया पर्यावरणीय रूप से 6 महत्वपूर्ण बिंदुओं के करीब पहुंच रही है - तेजी से विलुप्त होने, भूजल की कमी, पर्वतीय ग्लेशियर का पिघलना, अंतरिक्ष मलबा, असहनीय गर्मी और अनिश्चित भविष्य।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत दुनिया में भूजल का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है, जो अमेरिका और चीन के संयुक्त उपयोग से अधिक है।
भारत का उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र देश की बढ़ती 1.4 अरब आबादी के लिए ‘रोटी की टोकरी’ के रूप में कार्य करता है।
पंजाब और हरियाणा राज्य देश में चावल उत्पादन का 50 प्रतिशत और 85 प्रतिशत गेहूं भंडार का उत्पादन करते हैं।