Category : Business and economicsPublished on: December 08 2025
Share on facebook
भारतीय रिज़र्व बैंक ने नए दिशानिर्देश जारी करते हुए बैंकों को गोल्ड मेटल लोन (GML) अधिक श्रेणियों के ज्वैलर्स को देने की अनुमति दी है, जिनमें वे भी शामिल हैं जो स्वयं निर्माण नहीं करते।
ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।
संशोधित प्रावधानों के तहत, सोना आयात करने वाले नामित बैंक अब घरेलू और निर्यात बाजार में आभूषण बनाने या बेचने वाले संस्थानों को आयात-लिंक्ड GML दे सकेंगे।
जो ज्वैलर्स स्वयं निर्माण नहीं करते, वे पंजीकृत कारीगरों/गोल्डस्मिथों को जॉब-वर्क देकर ऋण ले सकेंगे।
RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि GMS लागू करने वाले बैंक MMTC को भी IGC (India Gold Coin) ढालने हेतु GML दे सकते हैं।