केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय जून 2024 में केरल विधानसभा द्वारा पारित सर्वसम्मत प्रस्ताव के बाद लिया गया।
यह कदम संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत प्रक्रिया आरंभ करता है, जो संसद को संबंधित राज्य विधानसभा से परामर्श के बाद राज्य का नाम बदलने का अधिकार देता है। प्रस्तावित केरल (परिवर्तन नाम) विधेयक, 2026 को राष्ट्रपति की अनुशंसा के बाद संसद में प्रस्तुत किया जाएगा।
इस संशोधन के तहत संविधान की प्रथम अनुसूची में परिवर्तन किया जाएगा, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सूची है। 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत गठित केरल इस दिन को ‘केरल पिरावी’ के रूप में मनाता है।
संसद की स्वीकृति और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ‘केरलम’ राज्य का आधिकारिक संवैधानिक नाम बन जाएगा, जो उसकी भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाएगा।