ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा जारी भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (CPI) 2025 में भारत पाँच स्थान ऊपर चढ़कर 91वें स्थान पर पहुँच गया है। यह सुधार भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों में सीमित लेकिन सकारात्मक प्रगति को दर्शाता है। हालांकि रिपोर्ट बताती है कि वैश्विक स्तर पर भ्रष्टाचार अब भी गंभीर समस्या है और औसत वैश्विक स्कोर घटकर 42 रह गया है।
रिपोर्ट के अनुसार कमजोर प्रेस स्वतंत्रता और जवाबदेही की कमी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है। पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र मीडिया को भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए आवश्यक बताया गया है। मजबूत संस्थाएँ, पारदर्शिता और स्वतंत्र मीडिया भ्रष्टाचार कम करने की कुंजी मानी गई हैं।