हुरुन ग्लोबल यूनिकॉर्न इंडेक्स 2024

हुरुन ग्लोबल यूनिकॉर्न इंडेक्स 2024

Daily Current Affairs   /   हुरुन ग्लोबल यूनिकॉर्न इंडेक्स 2024

Change Language English Hindi

Category : Miscellaneous Published on: April 12 2024

Share on facebook
  • हुरुन ग्लोबल यूनिकॉर्न इंडेक्स 2024 के अनुसार, भारत में यूनिकॉर्न स्टार्टअप की गति 2017 के बाद धीमी हो गई है। यह रिपोर्ट भारत को दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा यूनिकॉर्न केंद्र बताती है।
  • हुरुन ग्लोबल यूनिकॉर्न इंडेक्स वर्ष 2000 से प्रकाशित हो रहा है और इसमें केवल वे स्टार्टअप्स शामिल होते हैं जिनकी वैल्यूशन कम से कम एक अरब अमेरिकी डॉलर है और जो किसी स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध नहीं हैं।हुरुन रिसर्च के अनुसार, वैश्विक स्तर पर 53 देशों के 291 शहरों में कुल 1,453 यूनिकॉर्न स्थित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, विश्व में हर दो मिनट में एक यूनिकॉर्न बनता है।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित सैन फ्रांसिस्को खाड़ी क्षेत्र दुनिया की यूनिकॉर्न राजधानी है।
  • भारत में 2022 में 67 यूनिकॉर्न थे, जो 2023 में एक कम हो गए।
Recent Post's
  • दीप्ति शर्मा महिला T20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 152 विकेट लेकर सबसे अधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज़ बनीं।

    Read More....
  • लव अग्रवाल को DGFT का महानिदेशक और रवींद्र कुमार अग्रवाल को FCI का अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया।

    Read More....
  • ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ उस्मान ख्वाजा सिडनी में पांचवें एशेज टेस्ट के बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेंगे।

    Read More....
  • गूगल ने बिना डेटा खोए प्राइमरी जीमेल आईडी बदलने की सुविधा शुरू की।

    Read More....
  • भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रेयर अर्थ भंडार है, लेकिन उत्पादन में वह पीछे है।

    Read More....
  • पेरू बिना डंक वाली मधुमक्खियों को कानूनी अधिकार देने वाला दुनिया का पहला देश बना।

    Read More....
  • भारत और पाकिस्तान ने हर साल की परंपरा के तहत परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया।

    Read More....
  • गोवा के प्रस्तावित तीसरे जिले का नाम ‘कुशावती’ रखा जाएगा।

    Read More....
  • हरियाणा ने वर्ष 2025 में पिछले पांच वर्षों का सर्वश्रेष्ठ जन्म लिंगानुपात 923 दर्ज किया।

    Read More....
  • नवंबर 2025 में भारत के ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं की संख्या 100 करोड़ के पार पहुंच गई।

    Read More....