मोज़ाम्बिक की मानवाधिकार कार्यकर्ता और समाजसेवी ग्रासा माशेल को वर्ष 2025 के लिए इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह घोषणा बुधवार को इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा की गई।
यह निर्णय पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन की अध्यक्षता वाली अंतर्राष्ट्रीय जूरी ने लिया।
सुश्री माशेल को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक सशक्तिकरण और मानवीय कार्यों के क्षेत्र में कठिन परिस्थितियों में किए गए उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।
इस पुरस्कार में ₹1 करोड़ की नकद राशि, एक प्रशस्ति पत्र और एक ट्रॉफी शामिल है। ट्रस्ट ने उन्हें एक प्रतिष्ठित अफ्रीकी नेता और मानवाधिकार समर्थक बताया और कहा कि उनका जीवन कार्य आत्मनिर्णय के संघर्ष और कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर केंद्रित रहा है।