गांधीनगर में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ‘विष्वगुरु श्रील प्रभुपाद’ नामक गुजराती जीवनी का विमोचन किया, जो A. C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada के जीवन पर आधारित है। वे International Society for Krishna Consciousness के संस्थापक-आचार्य थे।
पुस्तक में दर्शाया गया है कि किस प्रकार उन्होंने अनेक कठिनाइयों के बावजूद वेदिक ज्ञान और भगवान श्रीकृष्ण का संदेश विश्वभर में फैलाया। उनकी 150वीं जयंती पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी कर उन्हें सम्मानित किया।
कार्यक्रम में बताया गया कि 70 वर्ष की आयु में वे अल्प संसाधनों के साथ अमेरिका गए और विश्वभर में 108 से अधिक कृष्ण मंदिर स्थापित किए। साथ ही The Akshaya Patra Foundation के सेवा कार्यों को भी रेखांकित किया गया, जो आज देशभर में 23.5 लाख बच्चों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध कराता है, जिनमें 5 लाख बच्चे गुजरात से हैं।