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परीक्षा कुमारी

अभ्यास के आयाम

परीक्षा कुमारी का कहना है कि 'पहले प्रयास, फिर अभ्यास' किसी भी लक्ष्य की पूर्ती के लिए निरंतर प्रयासरत होना पड़ता है | प्रयास अर्थात कोशिश अथवा प्रयत्न करना | अक्सर प्रयास करते समय कयास (अटकल) या Read More

pariksha_kumariअनुमान गुरु

अनुमान गुरु का लघु-पथ दर्शन

हर काम में शॉर्टकट अपनाना कहाँ तक सही हैं? पेट्रोल महँगा है, गंतव्य तक पहुँचने के लिए यदि कोई छोटा रास्ता हो तो उसे अपनाकर पेट्रोल बचाना एक समझदारी है | लेकिन यदि वही छोटा रास्ता तमाम खतरों से घ Read More

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अभ्यास के आयाम

परीक्षा कुमारी का कहना है कि 'पहले प्रयास, फिर अभ्यास'

किसी भी लक्ष्य की पूर्ती के लिए निरंतर प्रयासरत होना पड़ता है | प्रयास अर्थात कोशिश अथवा प्रयत्न करना |

अक्सर प्रयास करते समय कयास (अटकल) यानी 'Guess' लगाना पड़ता है | जब एक बार प्रयास को दिशा मिल जाती है, आपका लक्ष्य निर्धारित हो जाता है और प्रयास से अभ्यास की ओर कदम बढ़ने लगते हैं| यह एक कारगर शुरुआत है |

अभ्यास किसका? कब? और कैसे? हर परीक्षा का एक पूर्व निर्धारित पैटर्न होता है | जो किसी सही वेबसाइट से मिल सकता है | विगत वर्षों के परीक्षा पत्र भी इस काम को सरलीकृत कर देते है |

एक अच्छी वेबसाइट आपको संभावित प्रश्नों के अभ्यास, उनका आंकलन, सुधार व सुझाव इत्यादि, विविध प्रकार के टेस्ट देकर आपकी तैयारी को पक्की कराती है |

बहुधा अभ्यास, महज पढने के बजाय, लिखकर याद करने से बेहतर होता है | पठन की क्रिया में आँख की भूमिका जरुरी है जबकि लेखन की प्रक्रिया में ज्ञानेंद्री 'आँख' के साथ ही कर्मेन्द्री 'हाथ' का भी योगदान होता है जबकि पठन और लेखन दोनों ही मस्तिष्क द्वारा ही संचालित प्रक्रियाएँ है| 'एक से भले दो' कहावत ही नहीं,हकीकत भी है |

जब हम लिखते हैं, मस्तिष्क एक रेखाचित्र की सृष्टि करता है, जो नेत्रपटल द्वारा उत्प्रेरित होकर उंगलियों के माध्यम से एक अनुबंध बनाता है जिसकी कालावधि अपेक्षाकृत लम्बी होती है या यूँ कहें कि वह अधिक स्थिर एवं ग्राह्य होती है |

'अनायास ही सही, फल मिला अभ्यास का |

अंतराल मिट गया, आम और ख़ास का |'

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अनुमान गुरु का लघु-पथ दर्शन

हर काम में शॉर्टकट अपनाना कहाँ तक सही हैं? पेट्रोल महँगा है, गंतव्य तक पहुँचने के लिए यदि कोई छोटा रास्ता हो तो उसे अपनाकर पेट्रोल बचाना एक समझदारी है | लेकिन यदि वही छोटा रास्ता तमाम खतरों से घिरा हो तो क्या 'पेट्रोल बचाया, जान गंवाया', जैसी स्थिति से दो चार होना भी कोई समझदारी है?

अक्सर हमें कई शॉर्टकट ऐसे भी लेने होते हैं जो हमारे लिए बहुत फायदेमंद (लाभदायक) होते हैं | किसी विषय अथवा सूची को याद रखने, और समयानुसार उसके पुनरूपयोग के मामलों में एक 'पहाडा' बनाकर, लघु वीथिका के ज़रिये बहुत कुछ विषयवस्तु को सरलीकृत किया जा सकता है |

जैसे NEWS चार दिशाओं North, East, West, South के पहले अक्षरों को जोड़कर बनाया गया है  आप भी अपनी प्रतिभा से विषयों के महत्वपूर्ण पॉइंट्स को, कम से कम शब्दों में सिमट कर स्मृति पटल पर अंकित कर सकते हैं |

मुहावरे, कहावत, ट्रिक्स यहाँ तक कि किसी प्रसिद्ध  गीत के बोल, चौपाई, इत्यादि की मदद से भी ग्राह्य शक्ति को मजबूत किया जा सकता है|

यदि यह तरीका कम समय लगाकर आप उपयोग में ला सकते हैं तो इसे कारगर मानना चाहिए | किसी मॉक टेस्ट के द्वारा आप अपने फार्मूले की वैधता का मूल्यांकन कर सकते हैं| आपको मॉक टेस्ट देने के अनेक अवसर मिल सकते हैं यदि आप sarkaripariksha.com की सहायता लें|

'संभल के लघुपथगामी, सेवक से बन गया स्वामी '

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