Cracking CTET – (मतलब लोहे के चने चबाना !)

CTET परीक्षा सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है| जो परीक्षार्थी इस परीक्षा को पास करके, प्राथमिक स्तर और उच्च प्राथमिक स्तर कक्षाओं में पढ़ाने की योग्यता हासिल करते हैं, उनकी संख्या सुनकर आप हैरान हो जाएंगे |

पिछले कुछ सालों में पास हुए निम्नलिखित परीक्षार्थियों के प्रतिशत पर नजर डालते है : –

क्रमांक

परीक्षा वर्ष

पास परीक्षार्थी (प्रतिशत में)

1

CTET 2012

1%

2

CTET 2013

13%

3

CTET 2014

2%

4

CTET 2015

14%

 

उपर्युक्त डाटा इस बात का प्रमाण है की CTET परीक्षा में असफलता की दर बहुत उच्च है l इस वजह से इस परीक्षा के सन्दर्भ में कुछ निम्नलिखित प्रश्न उठते है

1. क्या परीक्षा का स्तर सच में ऊँचा है?

2. CTET परीक्षा में परीक्षार्थियों की असफलता का क्या कारण है?

3. CTET पास करने के लिए बाधाएँ क्या हैं?

4. क्या उस तरीके को बदलने की जरूरत है, जिस तरीके से आप इस परीक्षा की तैयारी करते आ रहे हैं?

 

हम इन प्रश्नों की चर्चा विस्तार से करते हैंl

प्रश्न – 1. क्या परीक्षा का स्तर सच में ऊँचा है?

उत्तर – 1. नहीं, CTET परीक्षा की कठिनाई का स्तर औसत दर्जे का है l यदि कोई पिछले सालों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करे, तो यह पता चलता है कि पूछे गये प्रश्नों का पाठ्यक्रम और पैटर्न काफी हद तक स्थायी है l   सभी प्रश्न बताये गए पाठ्यक्रम से ही पूछे जाते हैं l

प्रश्न – 2. CTET परीक्षा में परीक्षार्थियों की असफलता का क्या कारण है?

उत्तर – 2. CTET परीक्षा में परीक्षार्थियों के असफल होने के कई तथ्य हो सकते हैं l ये निम्नलिखित हो सकते हैं:

  • परीक्षा की संरचना की जानकारी में कमी l
  • पाठ्यक्रम के प्रति जानकारी में कमी l
  • अभ्यास की कमी l
  • समय प्रबन्धन की कमी, जिससे परीक्षा को समय पर समाप्त करने में असमर्थता l
  • उन क्षेत्रों को पहचानने में असमर्थता जिनमें ज्यादा अभ्यास की जरूरत l

प्रश्न – 3. CTET पास करने के लिए बाधाएँ क्या है?

उत्तर – 3. सरकारी परीक्षा में  हमने उन क्षेत्रों का गहन अध्ययन किया जो CTET परीक्षार्थियों के लिए बड़ी समस्याएँ है l हमारी जाँच – प्राप्तियाँ नीचे संक्षेपित है l

  • बाल विकास और शिक्षाशास्त्र – कई विद्यार्थी जिनसे मिलके हमने उनकी CDP (Child Development) विषय के प्रति उनकी असुविधा के बारे में जाना इसे समझने में उन्हें परेशानी होती है बाल विकास के क्षेत्र में अध्ययन सामग्री की कमी, परीक्षार्थियों के कष्ट को और बढ़ाती है l
  • शिक्षाशास्त्र – CTET परीक्षा में शिक्षाशास्त्र का भाग प्रतिशत लगभग 50% है l वहीँ ज्यादातर परीक्षार्थी विषय सामग्री में पास होना आसान समझते हैंl जैसे – हम गणित की बात करें, ज्यादातर परेशानी इसके शिक्षाशास्त्र भाग से है l
  • दिए गए समय में परीक्षा को समाप्त करने में असमर्थता l ज्यादातर परीक्षार्थियों ने यह अनुभव किया है कि, कुछ विषय जैसे गणित और विज्ञान के कुछ प्रश्नों को हल करने में ज्यादा समय लगता है l वे परीक्षा को समय पर समाप्त करने में असमर्थ हैं l

प्रश्न – 4. क्या उस तरीके को बदलने की जरूरत है, जिस तरीके से आप इस परीक्षा की तैयारी करते आ रहे हैं ?

उत्तर – 4. हाँ, यदि आप इस परीक्षा को दे चुके है तो अब तक आप यह समझ चुके होंगे की परीक्षा में असफलता के कारण क्या हैं l

यदि आप पहली बार इस परीक्षा को देने जा रहें हैं तो भी आप को सही रास्ते में तैयारी करनी है जिससे आप इस परीक्षा में सफलता की ओर अग्रसर हो सकें l

सरकारी परीक्षा आपको इस परीक्षा में  सफल होने के लिए समाधान प्रस्तुत करता है जो की निम्नवत् है l

  • परीक्षा की सरंचना और पैटर्न की जानकारी देकरl
  • हमारी सभी परीक्षायें पिछले साल के CTET पैटर्न पर आधारित हैं l
  • आपको CTET का विस्तारित पाठ्यक्रम देकर l
  • परीक्षा के सभी विषयों का सही और विश्वसनीय अध्ययन सामग्री दी जाती हैं, जो विषयों का मौलिक ज्ञान देती हैl
  • गणित और विज्ञान में प्रश्नों को हल करने की ट्रिक्स और टिप्स दी जाती हैंl
  • यहाँ आपको विषय परीक्षा, अभ्यास परीक्षा और कृत्रिम परीक्षा की पेशकश की जाती हैl इससे आप अपनी तैयारी को सही तरीके से जान पाते हैंl यह केवल पूरी परीक्षा की तैयारी को ही नहीं बल्कि यह विषय के सूक्ष्म स्तर तक आपको जाँचता है l
  • सरकारी परीक्षा पर सभी परीक्षाएँ समय बद्ध हैं l यह आपके द्वारा प्रश्न समाप्त करने में लिया गया, परीक्षा के एक भाग को, पूरी परीक्षा को समाप्त करने के लिए समय का मूल्यांकन करता है l

 

इस प्रकार यह पूरी तस्वीर प्रस्तुत करता है कि आपको किन क्षेत्रों में ज्यादा अभ्यास की जरुरत है जिससे प्रश्न को हल करने के समय को कम कर सकें l

तो CTET में सफलता के लिए पहला कदम बढ़ायें, अभी “Sarkari Pariksha” से जुड़ें l

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